जौनपुर।
मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर हुई सनसनीखेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने बिंदु देवी और नागेंद्र मिश्र को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साथ ही जुर्माने की आधी धनराशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार बांसदेव पट्टी निवासी रामजीत पाल 7 सितंबर 2018 को दोपहर करीब दो बजे ट्रैक्टर एजेंसी जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई।
तीन दिन बाद 10 सितंबर को गांव अवरैला की कुम्हार बस्ती स्थित एक कुएं से दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुएं में मोटरसाइकिल देखी। काफी मशक्कत के बाद जब शव बाहर निकाला गया तो लोग दहल उठे। शव छह टुकड़ों में कटा हुआ था। बाद में उसकी पहचान रामजीत पाल के रूप में हुई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि प्रेम प्रसंग के चलते बिंदु देवी और नागेंद्र मिश्र ने मिलकर गड़ासी से रामजीत पाल की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के टुकड़े कर कुएं में फेंक दिया गया था। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर दोनों आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता वीरेंद्र मौर्य ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष को मजबूती से रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपितों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और अर्थदंड की सजा सुनाई।
रिपोर्ट : आवाज़ न्यूज़, जौनपुर

