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बदलापुर (जौनपुर)। संयुक्त ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आयोजित देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में गुरुवार को बदलापुर में विभिन्न संगठनों द्वारा जुलूस निकालकर जनसभा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत रोडवेज बस अड्डा से हुई, जो जिला मुख्यालय पहुंचकर सभा में परिवर्तित हो गया।
हड़ताल के समर्थन में एआईयूटीयूसी, एआईकेकेएमएस, एआईडीएसओ, एआईडीवाईओ, एआईएमएसएस सहित कई संगठनों के सैकड़ों मजदूर, किसान, छात्र, नौजवान और महिलाएं शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों ने चार श्रम कोड को रद्द करने, न्यूनतम मासिक वेतन 30 हजार रुपये लागू करने तथा सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई।
प्रमुख मांगें
सभा में वक्ताओं ने स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सरकारी विभागों में खाली पदों पर स्थायी नियुक्ति, सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, बिजली संशोधन अधिनियम 2023 एवं नई शिक्षा नीति 2020 को निरस्त करने की मांग की।
इसके अलावा सरकारी स्कूलों की क्लोजर-मर्जर नीति समाप्त करने, महंगाई और बेरोजगारी पर नियंत्रण तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भी आवाज बुलंद की गई।
लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने की बात
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार की वर्तमान नीतियां आम जनता और मजदूर वर्ग के हित में नहीं हैं। उन्होंने जनसमस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रमोद कुमार शुक्ल, प्रवीण कुमार शुक्ल, श्रीपति सिंह, अशोक कुमार खरवार, रामप्यारे एडवोकेट, लालताप्रसाद मौर्य, विजय सिंह मौर्य, इन्दुकुमार शुक्ल, दिलीप कुमार, रविशंकर मौर्य, लालप्रकाश राही, संतोष कुमार प्रजापति, राजबहादुर विश्वकर्मा, रामसिंगार दूबे, पूनम प्रजापति, अंजली सरोज, राकेश निषाद, विनोद मौर्य, शिवभवन सिंह, योगेश द्विवेदी, संजय सिंह, नन्हकूराम, अजय चौरसिया, सुभाष पटेल, अरुण कुमार सिंह, गौरव सिंह, जयप्रकाश सिंह, प्रदीप सिंह, बिंदू यादव, सुनीता यादव सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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