प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया में एक बार फिर देरी हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार (25 मार्च) को प्रस्तावित सुनवाई को एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया गया है।
इस मामले में पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग के गठन और समयबद्ध पंचायत चुनाव कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई थी। सुनवाई टलने से चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को एक बार फिर झटका लगा है।
दरअसल, राज्य में पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण और आयोग गठन का मुद्दा काफी समय से विवाद का विषय बना हुआ है। इसी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर आज सुनवाई होनी थी, लेकिन अब इसे अगले सप्ताह के लिए टाल दिया गया है।
इस बीच पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि सरकार 10 जुलाई से पहले पंचायत चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है और समयसीमा के भीतर चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव में और देरी हो सकती है। जनगणना और एसआईआर से जुड़े कार्यों में कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण पंचायत चुनाव कराना फिलहाल चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों का यह भी अनुमान है कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे पंचायत चुनाव की दिशा और समयसीमा को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।

