लखनऊ : आवाज़ न्यूज़
निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले को लेकर अखिलेश यादव ने गंभीर चिंता जताते हुए न्यायालय, निर्वाचन आयोग और मीडिया से संज्ञान लेने की अपील की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांवों में पहले से भरे हुए फॉर्म-7 वितरित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से फर्जी आपत्तियां दाखिल कर मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश की जा रही है। कई मामलों में शिकायतकर्ताओं की पहचान स्पष्ट नहीं है और कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए आवेदन लगाए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, पीडीए समाज व अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम बड़े पैमाने पर हटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्ति की गई है, उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं है
मीडिया व प्रशासन से अपील
उन्होंने सभी समाचार चैनलों, अखबारों, स्थानीय पत्रकारों व डिजिटल मीडिया से अपील की कि इस मामले की गहन पड़ताल कर सच्चाई जनता के सामने लाएं।
साथ ही निर्वाचन आयोग से पारदर्शी जांच कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
निर्वाचन आयोग के नियमानुसार फॉर्म-7 के आधार पर नाम हटाने की प्रक्रिया सत्यापन और सुनवाई के बाद ही पूरी की जाती है। प्रशासनिक पक्ष से आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
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