जौनपुर (आवाज़ न्यूज़): जिले में अवैध रूप से कोडीन युक्त कफ सिरप की खरीद-बिक्री के काले कारोबार में लिप्त आरोपियों पर कानून का शिकंजा कस गया है। जिला जज की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस धंधे में शामिल आठ आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी शुक्रवार को खारिज कर दी।
ड्रग विभाग ने मजबूती से रखा पक्ष
शुक्रवार को जिला जज के न्यायालय में आरोपी अरुण प्रकाश मौर्या, देवेश निगम, अनुप्रिया सिंह, सौरभ गुप्ता, मोहम्मद सलमान अंसारी, ओमप्रकाश मौर्या और संजीव चौरसिया ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान ड्रग विभाग की ओर से अधिवक्ता सुभाष चंद्र त्रिपाठी ने पुरजोर पैरवी की। उन्होंने अदालत को बताया कि कोडीन कफ सिरप का अवैध व्यापार युवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
बढ़ सकती हैं आरोपियों की मुश्किलें
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस सख्त रुख के बाद अब आरोपियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नशीली दवाओं के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए प्रशासनिक कार्रवाई तेज की जा रही है।
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