Jaunpur News गणतंत्र दिवस पर शिक्षा और सामाजिक सरोकार की मिसाल, सम्यक ज्ञान कोचिंग में हुआ प्रेरणादायक आयोजन

Neeraj Yadav Swatantra
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आवाज़ न्यूज़ | खुटहन (जौनपुर)।

26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर खुटहन विकासखंड के पिलकिच्छा (सिमराहा बाबा धाम) में शिक्षा और सामाजिक सरोकार की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली। इस अवसर पर समाजसेवी सूबेदार नाविक द्वारा सम्यक ज्ञान कोचिंग सेंटर, सिमराहा बाबा का भ्रमण कर प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कोचिंग संचालक सुजीत कुमार निषाद एवं दिलीप कुमार निषाद को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए पेन भेंट कर सम्मानित किया गया। समाजसेवी सूबेदार नाविक ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा  कि

डॉ. भीमराव अंबेडकर","indian constitution architect" ने शिक्षा और कलम को सबसे बड़ी ताकत बताया है। पेन केवल लिखने का साधन नहीं, बल्कि समाज और संविधान को समझने का माध्यम है।”

बच्चों को मिला शैक्षणिक प्रोत्साहन

इस अवसर पर कोचिंग में अध्ययनरत लगभग 60 बच्चों को पेन और कॉपी वितरित कर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में सोनाराम निषाद भी उपस्थित रहे।

विषम परिस्थितियों में भी शिक्षा का संकल्प

गौरतलब है कि सुजीत कुमार निषाद और दिलीप कुमार निषाद सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों को शिक्षा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वे कड़ाके की ठंड, तेज धूप और बारिश में भी पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर बच्चों को पढ़ाते हैं। उनके इस जज़्बे और समर्पण की सराहना करते हुए समाजसेवी सूबेदार नाविक ने कहा कि

“ऐसे शिक्षक समाज की असली पूंजी हैं, जो बिना संसाधनों के भी भविष्य गढ़ रहे हैं।”

जनप्रतिनिधियों से टिनशेड निर्माण की अपील

समाजसेवी सूबेदार नाविक ने क्षेत्रीय व ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों से सिमराहा बाबा धाम परिसर में टिनशेड (छाजन) निर्माण की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे—

बारिश व धूप में बच्चों की पढ़ाई सुरक्षित रूप से हो सकेगी,

हर मंगलवार को पूजा-पाठ करने आने वाली माताएं-बहनें सुरक्षित स्थान पर बैठ सकेंगी,

प्रसाद एवं भोजन (हलवा, पूड़ी आदि) बनाने में सुविधा मिलेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि जहां अन्य मंदिरों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहीं सिमराहा बाबा धाम में अभी तक ऐसी स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है, जो जनहित में अत्यंत आवश्यक है।

अंत में उन्होंने सोशल मीडिया व समाचार माध्यमों के जरिए जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि शिक्षा और आस्था से जुड़े इस स्थान पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आगे आएं।



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