Jaunpur News निजी अस्पताल के मैनेजर पर महिला कर्मचारी ने लगाए गंभीर आरोप, वीडियो जारी कर सुनाई आपबीती

Neeraj Yadav Swatantra
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आवाज़ न्यूज़ | जौनपुर।

जिले में अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों पर कार्रवाई न होने का खामियाजा महिला कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला खानपुर–अकबरपुर क्षेत्र में संचालित एक निजी अस्पताल से सामने आया है, जहां कार्यरत एक युवती ने अस्पताल के मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो जारी किया है।

पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के साथ आए दिन शारीरिक शोषण किया जाता था, लेकिन नौकरी छिन जाने के डर से कोई खुलकर विरोध नहीं कर पाता था।

ओटी में बुलाकर जबरदस्ती का आरोप

युवती के अनुसार, घटना वाले दिन भोर करीब पांच बजे अस्पताल के मैनेजर ने उसे फोन कर ऑपरेशन थिएटर में इमरजेंसी का हवाला देकर बुलाया। जैसे ही वह ओटी में पहुंची, मैनेजर ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा।

पीड़िता का कहना है कि उसने लगातार विरोध किया और खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन मैनेजर नहीं माना। वीडियो में युवती यह कहते हुए भी दिखाई दे रही है कि मैनेजर ने उससे कहा—

“तुम मुझे परेशान मत करो, मैं तुम्हारी सारी इच्छाएं पूरी करूंगा।”

धमकी देने का भी आरोप

पीड़िता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद मैनेजर ने उसे धमकाया और कहा कि यदि उसने किसी को बताया तो न केवल नौकरी से निकाल दिया जाएगा, बल्कि जान से भी मरवा दिया जाएगा। लोक-लाज और सामाजिक बदनामी के डर से वह लंबे समय तक चुप रही। बाद में रोते हुए उसने पूरी घटना अपनी मां को बताई।

मामला सामने आने के बाद परिजनों ने युवती को दोबारा उस अस्पताल में काम पर जाने से मना कर दिया। पीड़िता का कहना है कि नौकरी छोड़ने के बावजूद उसे लगातार फोन कॉल और दबाव के जरिए शिकायत न करने के लिए परेशान किया जा रहा है।

मैनेजर पर संगठन से जुड़े होने का आरोप

युवती ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल का मैनेजर एक संगठन से जुड़ा हुआ है और अस्पताल संचालक का भाई बताया जा रहा है, जिसके चलते वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

अस्पताल संचालक ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वहीं अस्पताल संचालक पंकज मौर्या ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि युवती को पहले ही काम से निकाल दिया गया था और उसी रंजिश में वह इस तरह के आरोप लगा रही है। उनके अनुसार अस्पताल में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है और सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

पुलिस का पक्ष

इस पूरे मामले में थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत या तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। न ही थाने स्तर पर कोई आधिकारिक सूचना दी गई है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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