Up News सनातनी परंपरा से खिलवाड़ का आरोप, अखिलेश यादव ने भाजपा पर साधा निशाना

Neeraj Yadav Swatantra
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प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर सनातनी परंपराओं की अवहेलना करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अनादिकाल से चली आ रही सनातन परंपरा को भाजपा के दंभ और अहंकार ने तोड़ दिया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अनिष्टकारी है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य जी का तीर्थराज प्रयाग की धरती पर माघ मेले से बिना पवित्र स्नान किए लौट जाना पूरे सनातन समाज के लिए गहरी पीड़ा और चिंता का विषय है। इससे न केवल संत समाज आहत हुआ है, बल्कि संपूर्ण विश्व का सनातन समाज असुरक्षा और अनिश्चित भय से ग्रस्त है।

उन्होंने कहा कि यदि भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता के अहंकार को त्याग देते, तो वे संतों के सम्मान की रक्षा करते हुए उन्हें त्रिवेणी संगम पर पावन स्नान करा सकते थे। लेकिन भ्रष्ट साधनों से अर्जित सत्ता की हनक ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।

अखिलेश यादव ने दो टूक कहा कि संतों का मन दुखी कर कोई भी सुखी नहीं हो सकता। भूल करने से भी बड़ी गलती क्षमा न मांगना है। कोई भी राजनीतिक पद या सत्ता संतों के सम्मान से बड़ा नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी सनातन परंपरा की सगी नहीं है और आज हर सनातनी मन से अत्यंत दुखी है।

उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के परिणाम हमारे महाकाव्यों में स्पष्ट बताए गए हैं। अहंकार का दंड कोई भी दुर्जन टाल नहीं सकता।

अपने बयान के अंत में अखिलेश यादव ने कहा—

“आहत संत अर्थात सत्ता का अंत।”

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