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जौनपुर।
शहर के सिपाह स्थित जामिया लिल बनात “मदर आयेशा” परिसर में “नई पीढ़ी, उनकी शिक्षा, संस्कार और हमारी जिम्मेदारी” विषय पर एक प्रेरक सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के न्यायाधीश सैयद कमर हसनैन रिजवी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
अपने संबोधन में न्यायमूर्ति रिजवी ने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज के सर्वांगीण विकास की सबसे मजबूत आधारशिला है। नई पीढ़ी को उनकी रुचि के अनुसार सही दिशा देना अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी है। यदि बच्चों की रुचि को समझे बिना शिक्षा दी जाएगी, तो वे अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने संस्कारयुक्त शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि चरित्र निर्माण के बिना शिक्षा अधूरी है।
विशिष्ट अतिथि एडिशनल सीजेएम मुकीम अहमद ने भी विद्यार्थियों को अनुशासन और मेहनत का महत्व बताया। वहीं जावेद सगीर, फाउंडर एवं मैनेजर शिबली आरसीए, ने कहा कि शिक्षा के प्रसार के लिए समाज को आगे आकर सहयोग करना होगा। प्रत्येक मोहल्ले और कस्बे में शिक्षा केंद्र खोलने की आवश्यकता है, जिससे बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकें।
डॉ. सरफराज खान ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की सलाह दी। संस्था के अध्यक्ष एवं संस्थापक मौलाना अनवार अहमद कासमी ने कहा कि जब व्यक्ति समाज के लिए सकारात्मक सोच के साथ कार्य करता है तो सफलता के रास्ते स्वतः बनते जाते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एडवोकेट सलमान अहमद खान ने की तथा संचालन अकरम अहमद ने किया। इस अवसर पर हुजैफा खान, अंसार अहमद, रियाजुल हक, शब्बीर हैदर, इम्तेयाज़ अहमद, आरिफ हुसैनी सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, पत्रकार एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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