जौनपुर।
टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता को लेकर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के हालिया बयान के विरोध में जनपद के शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। बुधवार को बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एकत्र होकर विरोध जताते हुए पुतला दहन किया।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का कहना है कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी अनिवार्यता से मुक्त किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि वर्ष 2017 में हुए एनसीटीई संशोधन और हालिया न्यायिक फैसलों के बाद देशभर में लाखों शिक्षकों के सामने सेवा संबंधी अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अरविंद शुक्ला ने कहा कि सरकार को पूर्व में कार्यरत शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट नीति लानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न नारे लगाए और टीईटी अनिवार्यता पर पुनर्विचार की मांग की। कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
.png)
