धर्मेंद्र कुमार बिंद आवाज़ न्यूज़
शाहगंज (जौनपुर), 1 अगस्त। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील इकाई शाहगंज ने प्रदेशभर के लेखपालों की वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर राजस्व परिषद की अध्यक्ष को उपजिलाधिकारी के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संघ का कहना है कि लगातार बढ़ते कार्यभार, संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, स्थानांतरण, भत्तों में वृद्धि तथा विभागीय प्रक्रियाओं में हो रही देरी के कारण लेखपालों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
संघ ने ज्ञापन में कहा कि लेखपाल राजस्व प्रशासन की रीढ़ हैं और शासन की अधिकांश जनकल्याणकारी योजनाओं, राजस्व अभिलेखों के अद्यतन, वरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों का प्रमुख दायित्व निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी वर्षों पुरानी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल पुनः खोलने, चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची तत्काल जारी करने, चयन वर्ष 2024 की विभागीय परीक्षा का परिणाम एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र शीघ्र घोषित करने तथा लंबे समय से लंबित विभिन्न भत्तों में वृद्धि की मांग की गई है।
संघ का कहना है कि वर्तमान में हजारों लेखपाल अपने गृह मंडल से सैकड़ों किलोमीटर दूर कार्यरत हैं, जिससे उन्हें पारिवारिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं पदोन्नति और विभागीय परीक्षा परिणाम में हो रही देरी से कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित हो रहा है।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर के लेखपाल लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

