बदलापुर/जौनपुर। पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक और लाभकारी कृषि पद्धतियों को अपनाने की दिशा में बदलापुर क्षेत्र में किसानों की दिलचस्पी बढ़ रही है। इसी क्रम में बाबा बायोटेक रिसर्च सेंटर (BBRC) किसानों को ड्रैगन फ्रूट समेत विभिन्न नकदी और औषधीय फसलों की उन्नत खेती की तकनीकी जानकारी और प्रशिक्षण उपलब्ध करा रहा है।
संस्थान के अनुसार, 1000 से अधिक प्रगतिशील किसान इससे जुड़कर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी हासिल कर रहे हैं। ड्रैगन फ्रूट के अलावा अश्वगंधा, सतावर, सफेद मूसली, केला और स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों की वैज्ञानिक खेती को लेकर भी किसानों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
संस्थान के संस्थापक एवं कृषि विशेषज्ञ बृजेश यादव के अनुसार, पूर्वांचल की जलवायु हाईटेक फार्मिंग के लिए अनुकूल है। उनका कहना है कि कई किसान जानकारी के अभाव में पौधे लगाने के बाद उचित प्रबंधन नहीं कर पाते, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए संस्थान किसानों को पौधों की उपलब्धता के साथ तकनीकी मार्गदर्शन और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने पर जोर दे रहा है।
### खेती के साथ तकनीक की जानकारी पर जोर
बाबा बायोटेक रिसर्च सेंटर की ओर से किसानों को मल्चिंग तकनीक, घड़ा विधि से सिंचाई और जैविक खाद के वैज्ञानिक उपयोग सहित आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाती है। संस्थान का दावा है कि इन तकनीकों से फसलों के बेहतर प्रबंधन और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
केंद्र पर औषधीय फसलों के साथ विभिन्न फलदार और छायादार पौधों की उपलब्धता की भी जानकारी दी गई है। संस्थान के मुताबिक कृषि क्षेत्र में किए गए कार्यों और नवाचारों के लिए उसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
संस्थान के संस्थापक बृजेश यादव का कहना है कि किसानों को केवल पौधे उपलब्ध कराना उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें खेती की पूरी तकनीक समझाकर आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य है। बाबा बायोटेक रिसर्च सेंटर के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की ओर जोड़ने का अभियान जारी रखने की बात कही गई है।

