लखनऊ। State Election Commission Uttar Pradesh ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह द्वारा 6 जनवरी 2026 को जारी की गई है।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-क एवं उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा-9 के अंतर्गत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पूर्व में जारी अधिसूचना में आंशिक संशोधन किया गया है।
मतदाता सूची वृहद पुनरीक्षण 2026 : पूरा कार्यक्रम
1️⃣ दावा-आपत्तियों के निस्तारण के बाद की कार्यवाही
अवधि: 7 जनवरी 2026 से 20 फरवरी 2026
इस चरण में हस्तलिखित पांडुलिपियां तैयार की जाएंगी, उन्हें सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी के कार्यालय में जमा किया जाएगा तथा समाविष्ट डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन एवं निस्तारण की प्रक्रिया पूरी होगी।
2️⃣ मतदाता सूचियों का कम्प्यूटरीकरण
अवधि: 21 फरवरी 2026 से 16 मार्च 2026
इस चरण में पात्र सूचियों का कम्प्यूटरीकरण, मूल सूचियों एवं स्थान-सम्बंधित विवरणों का सत्यापन तथा मतदान केंद्रों/स्थलों का निर्धारण किया जाएगा।
3️⃣ अंतिम तकनीकी प्रक्रिया
अवधि: 17 मार्च 2026 से 27 मार्च 2026
मतदान केंद्रों का क्रमांकन, मतदेय स्थलों के वार्डों की मैपिंग, मतदाता क्रमांकन, SVN आवंटन, मतदाता सूची की डाउनलोडिंग एवं फोटो प्रतियां तैयार की जाएंगी।
4️⃣ अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
तिथि: 28 मार्च 2026
इस दिन मतदाता नामावलियों का आम जनता के लिए अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार के निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट, जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत एवं नगरीय निकाय), निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि संशोधित पुनरीक्षण कार्यक्रम का स्थानीय समाचार पत्रों, सूचना पटों एवं सार्वजनिक माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
सार्वजनिक अवकाश में भी खुले रहेंगे कार्यालय
अधिसूचना के अनुसार, मतदाता सूची के वृहद पुनरीक्षण के दौरान पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाशों में भी संबंधित कार्यालय खुले रहेंगे, ताकि निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार कार्य समय से पूर्ण किया जा सके।
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