उमरछा (जौनपुर), 2 जनवरी।
मृत्युंजय महादेव धाम उमरछा में प्रत्येक माह प्रदोष के अवसर पर आयोजित होने वाले सस्वर सुंदरकांड पाठ के क्रम में इस बार सुंदरकांड प्रतियोगिता एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित रामचरितमानस का पंचम खंड सुंदरकांड केवल एक अध्याय नहीं, बल्कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में विजय प्राप्त करने का सफलता सूत्र है। सुंदरकांड में भक्त हनुमान के पराक्रम, बुद्धि और अटूट भक्ति का अद्भुत वर्णन मिलता है, जो यह संदेश देता है कि दृढ़ विश्वास और शुद्ध संकल्प से समुद्र जैसी बाधाओं को भी पार किया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि श्वेता प्रियांशी रामचरित मानस समिति, मलिकानपुर के कलाकारों की मधुर एवं भक्तिपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे परिसर को लंका दहन और श्रीराम-हनुमान मिलन की अनुभूति करा दी। यह कला और भक्ति का अनुपम संगम था।
वैदिक विधि से हुआ पूजन, निर्णायक मंडल ने सुरक्षित रखा निर्णय
इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत पंडित हीरामणी उपाध्याय के वैदिक सानिध्य में यजमान श्री शेषनाथ शुक्ल एवं उनकी धर्मपत्नी द्वारा पूजा-पाठ से हुई। कार्यक्रम में उपस्थित निर्णायक मंडल के सदस्य ललित शुक्ल, कैलाश नाथ शुक्ल एवं सतीश कुमार उपाध्याय ने प्रतियोगिता के निर्णय को बंद लिफाफे में सुरक्षित रखा।
सुंदरकांड पाठ के आध्यात्मिक लाभ बताए गए
जिला मीडिया प्रभारी आमोद सिंह ने कहा कि सुंदरकांड रामचरितमानस का अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली अध्याय है, जो बजरंगबली हनुमान जी को समर्पित है। इसके नियमित पाठ से आध्यात्मिक, मानसिक, भावनात्मक एवं भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं। मान्यता है कि सुंदरकांड पाठ से साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में भी कमी आती है।
अतिथियों एवं प्रतिभागियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान निर्णायक मंडल के सदस्य सतीश कुमार उपाध्याय द्वारा उपस्थित अतिथियों का स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र भेंट कर सम्मान किया गया। वहीं, आयोजक सुशील कुमार उपाध्याय ने सस्वर सुंदरकांड प्रतियोगिता के प्रतिभागियों—
कु. श्वेता यादव, कु. प्रियांशी यादव, नितिन तिवारी, श्रवण तिवारी, आर.पी. सरोज एवं अवधेश यादव—को अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
आरती एवं भंडारे के साथ कार्यक्रम संपन्न
कार्यक्रम का समापन रामायण एवं हनुमान जी की आरती के पश्चात भंडारे के आयोजन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रभाकर, पद्माकर, सुरेश उपाध्याय, अरुण उपाध्याय, देवेश कुमार उपाध्याय, राकेश शुक्ल, संतोष उपाध्याय, प्रेमा सिंह, अशोक, संतोष सिंह, राजेश, जयशंकर शुक्ल, संतोष शुक्ल ढोलन, अरविंद, सूरज, दीनानाथ, अनिल, विकास, रमेश निषाद सहित सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे।
(आवाज़ न्यूज़ | जौनपुर)
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