बदलापुर/जौनपुर।
काकोरी एक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन के तहत आज़ादी की गैर-समझौतावादी धारा के महानायक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर रविवार को बदलापुर से शाहगंज तक भव्य बाइक जुलूस निकाला गया। यह आयोजन काकोरी-एक्शन शताब्दी वर्ष आयोजन समिति जौनपुर के आह्वान पर 11 जनवरी से 25 जनवरी तक चल रहे पाक्षिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा था।
बाइक जुलूस का समापन शाहगंज के बड़ा गांव में हुआ, जहां एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। जनसभा में बड़ी संख्या में छात्र, नौजवान और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
नेताजी के विचार आज भी प्रासंगिक
जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के संघर्षपूर्ण जीवन, उनके क्रांतिकारी चिंतन और आज़ादी की लड़ाई में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि नेताजी बचपन से ही सामाजिक असमानता और अन्याय के खिलाफ सजग थे। महान क्रांतिकारी खुदीराम बोस की अल्पायु में फांसी जैसी घटनाओं ने उनके भीतर अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध विद्रोह की भावना को और प्रबल किया।
वक्ताओं ने नेताजी के प्रसिद्ध विचारों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था—
“झूठ और अन्याय से समझौता करना जघन्यतम अपराध है।”
पूर्ण स्वराज और समाजवाद का सपना
सभा में यह भी बताया गया कि 1938 में हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद नेताजी ने पूर्ण स्वराज और समाजवाद आधारित व्यवस्था की स्थापना का आह्वान किया था। उनका मानना था कि केवल अंग्रेजों को देश से बाहर निकालना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि भारत में एक न्यायपूर्ण और समानता आधारित सामाजिक व्यवस्था का निर्माण भी आवश्यक है।
आज की परिस्थितियों पर चिंता
वक्ताओं ने आज़ादी के 78 वर्षों बाद भी आम जनता की बदहाल स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज भी महिलाएं असुरक्षित हैं, महंगाई लगातार बढ़ रही है, शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है और देश की संपदा कुछ पूंजीपतियों के हाथों में सिमटती जा रही है।
उन्होंने आह्वान किया कि मौजूदा परिस्थितियों में नेताजी के विचारों से प्रेरणा लेकर जनसमस्याओं के खिलाफ संगठित संघर्ष को तेज करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम की अध्यक्षता इन्द्रपति सिंह ने की, जबकि संचालन दिलीप कुमार खरवार ने किया।
जनसभा को प्रमोद कुमार शुक्ल, इंदु कुमार शुक्ल, मिथिलेश कुमार मौर्य, राजेन्द्र प्रसाद तिवारी, राजेश कुमार सिंह, अपूर्व कुमार दुबे और संतोष कुमार प्रजापति ने संबोधित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत अंजली सरोज, जिमी गुप्ता, सृष्टि, सौम्या, मृष्टि और आस्था ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर माहौल को देशप्रेम से सराबोर कर दिया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर मीता गुप्ता, पूनम प्रजापति, शिवभवन सिंह, राजबहादुर विश्वकर्मा, राकेश निषाद, विनोद मौर्य, प्रवीण सिंह, विजयप्रकाश गुप्त, इदरीश, देवव्रत निषाद, संजय सिंह, प्रभाकर मौर्य सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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