Jaunpur News पंचायत चुनाव: अनंतिम मतदाता सूची के बाद डुप्लीकेट सूची ने बढ़ाई मुश्किलें, बीएलओ पर फिर बढ़ा बोझ

Neeraj Yadav Swatantra
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पंचायत चुनाव: अनंतिम मतदाता सूची के बाद डुप्लीकेट सूची ने बढ़ाई मुश्किलें, बीएलओ पर फिर बढ़ा बोझ



जौनपुर।

पंचायत चुनाव को लेकर अनंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद एक बार फिर डुप्लीकेट मतदाता सूची सामने आना चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है। इससे न केवल मतदाताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, बल्कि चुनावी कार्य में लगे बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) को भी दोबारा कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

राज्य निर्वाचन आयोग के इस नए फरमान ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी चुनौती के सामने ला खड़ा किया है। अनंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाताओं को उम्मीद थी कि अब अंतिम सूची में केवल आपत्तियों के निस्तारण के बाद नाम शामिल होंगे, लेकिन इसके उलट कई स्थानों पर डुप्लीकेट नाम सामने आने से स्थिति जटिल हो गई है।

ग्रामीण स्तर पर जब मतदाताओं से जानकारी ली जा रही है तो सामने आ रहा है कि कई ऐसे मतदाता हैं, जो नियमित रूप से पंचायत चुनाव में मतदान करते आए हैं। इस बार भी उनका नाम अनंतिम मतदाता सूची में शामिल था, इसके बावजूद डुप्लीकेट सूची में उनका नाम आना समझ से परे बताया जा रहा है। इससे मतदाताओं में यह आशंका भी बढ़ रही है कि कहीं उनका नाम अंतिम सूची से हट न जाए।

सूत्रों के अनुसार, डुप्लीकेट प्रविष्टियों के चलते बीएलओ को एक बार फिर घर-घर जाकर सत्यापन करना पड़ सकता है। इससे जहां समय और संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, वहीं चुनावी तैयारियों की समय-सीमा पर भी असर पड़ सकता है।

चुनावी जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर मतदान प्रतिशत और चुनाव की पारदर्शिता पर पड़ सकता है। अब देखना यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग इस स्थिति से निपटने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है और डुप्लीकेट मतदाता सूची की गड़बड़ियों को कैसे दुरुस्त किया जाता है।

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