Jaunpur News स्वाधीन सिंह हत्याकांड: तीन नाबालिग छात्रों को मिली जमानत, अरविंद पाण्डेय बोले — "सत्य की जीत हुई"

Neeraj Yadav Swatantra
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जौनपुर। जनपद के बहुचर्चित हिस्ट्रीशीटर स्वाधीन सिंह हत्याकांड में एक बड़ा मोड़ आया है। इस मामले में लंबे समय से जेल में बंद तीन नाबालिग छात्रों — आलोक मिश्रा, कृष्णा सिंह और रत्नेश गौतम — को जिला सत्र न्यायालय, जौनपुर ने जमानत प्रदान कर दी है।

यह फैसला उन तमाम लोगों के लिए राहत की खबर बनकर आया है जो इन छात्रों की रिहाई के लिए आवाज़ उठा रहे थे। सामाजिक कार्यकर्ता और भारतीय हिंदू मित्र परिषद के अध्यक्ष अरविंद पाण्डेय इस पूरे संघर्ष की धुरी रहे हैं। उन्होंने शुरू से ही पुलिस पर पुरानी रंजिश और भ्रष्टाचार के आधार पर निर्दोष छात्रों को फंसाने का आरोप लगाया था।

किशोर न्यायालय में सुनवाई में हो रही अनावश्यक देरी और बच्चों के भविष्य पर मंडराते खतरे को देखते हुए पाण्डेय ने सख्त कदम उठाए। उन्होंने माननीय मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की थी।

जमानत मिलने के बाद अरविंद पाण्डेय ने  बातचीत में कहा — "मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था। निर्दोष बच्चों को न्याय जरूर मिलेगा, यह मेरा विश्वास था और आज वह सच साबित हुआ। यह सत्य की जीत है।"

उन्होंने इस संघर्ष में साथ खड़े रहने के लिए जौनपुर मीडिया और बदलापुर की जनता का हृदय से आभार जताया।

हालांकि पाण्डेय ने यह भी स्पष्ट किया कि लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका लक्ष्य है कि 31 मई तक इन छात्रों को पूरी तरह दोषमुक्त करवाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक असली हत्यारे जेल की सलाखों के पीछे नहीं जाते और निर्दोषों को फंसाने में संलिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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