जौनपुर। यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) से होने वाले भुगतान पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाए जाने के प्रस्ताव को लेकर व्यापारियों ने विरोध जताया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजकर प्रस्ताव वापस लेने की मांग की है।
प्रदेश अध्यक्ष बनवारी लाल कंछल और प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष इंद्रभान सिंह ‘इंदु’ के निर्देश पर जिला महामंत्री आरिफ हबीब तथा नगर अध्यक्ष घनश्याम साहू के नेतृत्व में व्यापारियों ने इस प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाई। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है और इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ने की आशंका है।
अतिरिक्त शुल्क से बढ़ेगा आर्थिक बोझ: आरिफ हबीब
जिला महामंत्री आरिफ हबीब ने कहा कि व्यापारी पहले से ही कई तरह की आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव व्यापारियों के हित में नहीं है। इससे कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जनपद के व्यापारी इस प्रस्ताव का विरोध करते हैं। सरकार को व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पर पुनर्विचार करना चाहिए और प्रस्ताव वापस लेना चाहिए।
‘वन नेशन, वन टैक्स’ का दिया हवाला
व्यापार मंडल की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि जब सरकार ‘वन नेशन, वन टैक्स’ की बात करती है, तो ऐसे में व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। संगठन ने सरकार से इस संबंध में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
व्यापार मंडल के पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन भेजने के दौरान नगर महामंत्री आलोक रंजन सिन्हा, युवा जिलाध्यक्ष अरुण शुक्ला, उपाध्यक्ष सुमित उपाध्याय, युवा उपाध्यक्ष जय विक्रम, नगर महामंत्री विनय जायसवाल, बृजेश समेत संगठन के अन्य पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे।
आवाज़ न्यूज़
