बालिका सशक्तिकरण की मिसाल: छात्रा श्रेया बनीं एक दिन की सीएचसी अधीक्षक, मरीजों को निश्शुल्क दवा के दिए निर्देश

Neeraj Yadav Swatantra
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(जौनपुर) खुटहन। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत बालिकाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जौनपुर जिले के खुटहन ब्लॉक स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा आठ की होनहार छात्रा श्रेया यादव को एक दिन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खुटहन का चिकित्सा अधीक्षक बनाया गया।
पदभार ग्रहण करते ही श्रेया यादव ने प्रशासनिक व चिकित्सीय जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया। उन्होंने अस्पताल परिसर का गहन निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पूरे अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति देखी और कर्मचारियों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान छात्रा श्रेया यादव ने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और दवाओं के स्टॉक की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से संवाद करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मरीजों को शासन की योजना के तहत शत-प्रतिशत निश्शुल्क दवाएं ही दी जाएं और किसी भी परिस्थिति में उन्हें बाहर से दवा खरीदने के लिए न लिखा जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित इलाज मुहैया कराना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रशासन के अनुसार, इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) का विकास करना और उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक व प्रेरित करना है। इस दौरान सीएचसी के निवर्तमान अधीक्षक डॉ. आरिफ खान सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रा श्रेया के आत्मविश्वास और दिशा-निर्देशों की सराहना की।
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