खुटहन (जौनपुर)।
टीईटी को अनिवार्य किए जाने के विरोध में खुटहन ब्लॉक के शिक्षकों ने सोमवार को बांह पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के आह्वान पर शिक्षकों ने शिक्षण कार्य, परीक्षा ड्यूटी और निर्वाचन कार्य करते हुए सरकार के फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
शिक्षकों का कहना है कि जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की सेवा शर्तों में टीईटी अनिवार्य नहीं था, लेकिन 1 सितंबर 2025 को उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद प्रदेश भर में असंतोष गहराता जा रहा है। आरटीई अधिनियम 2017 में किए गए संशोधन को शिक्षक अपने भविष्य के लिए गंभीर संकट बता रहे हैं।
प्राथमिक शिक्षक संघ खुटहन के अध्यक्ष राजकुमार यादव ने बताया कि अकेले खुटहन ब्लॉक में 261 शिक्षक, जिले में लगभग 6 हजार और पूरे उत्तर प्रदेश में करीब 1.86 लाख शिक्षक सेवा समाप्ति के कगार पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर देगा।
शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन 24 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगा। यदि सरकार ने जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने के लिए अध्यादेश नहीं लाया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

