Jaunpur News सीएचसी केराकत में भ्रष्टाचार का आरोप: मरीजों को निजी अस्पताल भेजने का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा

Neeraj Yadav Swatantra
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Aawaz news 

जौनपुर। केराकत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कथित भ्रष्टाचार का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कर मोटी रकम वसूले जाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसकी जांच की मांग की गई है।


मामले में आरजीआरएस पोर्टल के माध्यम से खेतासराय थाना क्षेत्र के अर्जनपुर निवासी जंग बहादुर पुत्र मिठाई लाल ने लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इस दौरान भाजपा नेता व जौनपुर के कोषाध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे। वहीं अकबरपुर गांव निवासी कमलेश पुत्र सीताराम ने भी मुख्य चिकित्सा अधिकारी जौनपुर समेत शासन के उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।


शिकायतकर्ता कमलेश का आरोप है कि सीएचसी केराकत में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण कुमार कनौजिया, स्टाफ नर्स अंकिता पांडेय, सुनीता राम और कुछ आशा कार्यकर्ता आपस में मिलीभगत कर मरीजों को निजी क्लीनिकों में भेजते हैं। इसके बदले निजी अस्पताल संचालकों से मोटी रकम ली जाती है और मरीजों तथा उनके परिजनों का आर्थिक शोषण किया जाता है।


बताया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास स्थित दुर्गावती पाली क्लीनिक, कृष्णा बाल चिकित्सालय, स्टेट बैंक के पीछे रियांस पाली क्लीनिकल, जेपी नारायण पाली क्लीनिक और बुआ सिटी पाली क्लीनिक में मरीजों को भेजा जाता है। आरोप है कि इन क्लीनिकों में कई मामलों में झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इलाज और ऑपरेशन किए जाते हैं।


शिकायत के अनुसार विशेष रूप से प्रसव के मामलों में यह खेल ज्यादा सामने आ रहा है। रात के समय डिलीवरी के लिए आने वाली महिलाओं को सामान्य प्रसव के बजाय सीजर ऑपरेशन की सलाह देकर निजी अस्पतालों में भेज दिया जाता है। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से मरीजों के परिजनों को बहला-फुसलाकर निजी अस्पतालों तक पहुंचाया जाता है, जहां उनसे भारी रकम वसूली जाती है।


आरोप यह भी है कि वसूली गई रकम का बंटवारा संबंधित स्टाफ और निजी अस्पताल संचालकों के बीच किया जाता है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि जिन निजी क्लीनिकों में मरीजों को भेजा जा रहा है, उनमें से कई का मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण भी नहीं है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, मुख्य चिकित्सा अधिकारी जौनपुर और उपजिलाधिकारी केराकत से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच के दौरान सीएचसी केराकत और संबंधित निजी अस्पतालों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कराने की मांग की गई है।


शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि संयुक्त टीम गठित कर पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा निजी अस्पताल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही बिना पंजीकरण संचालित हो रहे निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों को बंद कराने की मांग भी की गई है।

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