जौनपुर पुलिस की बड़ी सफलता: 151 गुमशुदा मोबाइल बरामद, 32 लाख रुपये के फोन लौटाए गए स्वामियों को

Neeraj Yadav Swatantra
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आवाज़ न्यूज़ | जौनपुर


जौनपुर पुलिस ने साइबर अपराध नियंत्रण और गुमशुदा मोबाइल की बरामदगी के अभियान में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर क्राइम थाना एवं जनपद के विभिन्न थानों की साइबर सेल टीम ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की सहायता से 151 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई गई है।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं साइबर क्राइम थाना के नोडल अधिकारी आयुष श्रीवास्तव तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया।


पुलिस के अनुसार, अब तक जनपद में कुल 1,791 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस किए जा चुके हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ 60 लाख रुपये है।


बरामद मोबाइल जौनपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश के आजमगढ़, वाराणसी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, बलिया, प्रतापगढ़ और भदोही सहित अन्य जनपदों से भी प्राप्त किए गए। इसके अतिरिक्त दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों से भी कई मोबाइल बरामद किए गए।


बरामद मोबाइलों में वनप्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग जैसी विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं।


मोबाइल वापस मिलने पर लाभार्थियों ने जौनपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने में सूचना दर्ज कराएं तथा सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर शिकायत अवश्य करें।


उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता और सतर्कता है। किसी भी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करें। इसके अलावा निकटतम थाने की साइबर हेल्पडेस्क से भी संपर्क किया जा सकता है।


पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, क्यूआर कोड, अज्ञात कॉल या संदेश पर भरोसा न करें, अपनी निजी एवं बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड न करें।

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