जौनपुर। खुटहन क्षेत्र के अहरपुर गांव में सरकारी खाद्यान्न वितरण में कथित अनियमितता और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। जांच में खाद्यान्न के स्टॉक में बड़ी कमी पाए जाने के बाद पूर्ति निरीक्षक आशुतोष कुमार सिंह की तहरीर पर समूह की अध्यक्षा समेत चार लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, 11 अगस्त को शिकायत मिलने के बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शाहगंज और पूर्ति निरीक्षक ने अहरपुर गांव पहुंचकर उचित दर की दुकान की जांच की। इस दौरान 39 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। कार्डधारकों ने जांच टीम को बताया कि नियमित रूप से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाए जाने के बावजूद उन्हें एक से दो महीने का खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया।
जांच टीम ने ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण संबंधी अभिलेखों और दुकान में मौजूद वास्तविक स्टॉक का मिलान किया। सत्यापन के दौरान निर्धारित मात्रा की तुलना में करीब 19 कुंतल गेहूं और 63 कुंतल चावल कम पाया गया।
जांच के दौरान दुकान से करीब पांच कुंतल गेहूं बरामद हुआ, जिसे कब्जे में लेकर दूसरे उचित दर विक्रेता की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
प्रशासनिक अनुमति के बाद पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर साधना, उनके पति ललित मोहन, समूह की अध्यक्षा सरिता और उनके पति सुभाष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

