जौनपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन के क्रम में शनिवार को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में दुर्घटना से जुड़े 121 मुकदमों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। इन मामलों में पीड़ित पक्षों के लिए कुल 8 करोड़ 3 लाख 16 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई।
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत में आयोजित लोक अदालत के दौरान लंबे समय से लंबित मामलों को आपसी सहमति के आधार पर निपटाने का प्रयास किया गया।
इस दौरान वर्ष 2007 में दाखिल इजरा की एक पत्रावली का भी करीब 19 वर्ष बाद सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ। इस मामले में याचीगण को 9 लाख 86 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
लोक अदालत के दौरान विभिन्न बीमा कंपनियों के अधिवक्ता और याची बड़ी संख्या में न्यायालय में मौजूद रहे। याची पक्ष के अधिवक्ताओं ने अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण के लिए सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अवसर पर अधिवक्ता सूर्य प्रकाश सिंह, सोभनाथ यादव, उमाशंकर सिंह, रविंद्र विक्रम सिंह, सूर्यमणि पांडेय, हिमांशु श्रीवास्तव, बृजेश निषाद, निलेश निषाद, अवधेश यादव, अंकित दुबे और अविनाश शुक्ल समेत अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
न्यायालय के कर्मचारी हौसला तिवारी, राज नारायण यादव, सुधाकर मिश्रा, सुधीर कुमार राय, अमितेश, प्रशांत गौड़, अर्सलान, विनय और सद्दाम सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

